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Tuesday, January 20, 2015

लुभावनी कुर्सी

आजकल कुछ उत्साही मनसपुत्रों द्वारा एक किरण-केजरी तुलनात्मक-तालिका का प्रचार किया जा रहा है फेसबुक पर, जिसमें एक को महिमामंडित करने और दुसरे को छोटा दिखाने की बचकानी कोशिश साफ़ झलक रही है ! जबकि सच तो है की दोनों ही पढ़े-लिखे हैं और दोनों ही "विदेशी पुरस्कार" (मैग्सेसे) से सम्मानित होकर अपनी एनजीओ चलाकर पैसे से लाल हो रहे हैं ! दोनों ही जनता में लोकप्रिय हैं ! दोनों ही महत्वाकांक्षी हैं ! दोनों ही भूल-भुल्लैय्या की सीढ़ियां चढ़ते हुए राजनीति की लुभावनी कुर्सी के लिए ललचा गए ! दोनों ही जनता को जाने क्या-क्या दे डालेंगे चुनाव जीतते ही ! बस अंतर तो केवल इतना ही है की एक को चालीस के बाद राजनीति की सनक चढ़ी तो दूसरी को पैंसठ के बाद ! मज़ेदार टक्कर है ! चुनावों के दौरान स्पेन की बुल-फाइट , कॉक-फाइट और मदारी-शो बहुत रुचिकर लगता है ! परिणाम आने के बाद तो "ढाक के तीन पात" होने ही हैं!

Zeal

Saturday, February 1, 2014

आप पार्टी के भ्रष्ट और अपराधी नेताओ की लिस्ट

1) अरविन्द केजरीवाल - चंदा चोर, किताब चोर, अराजक समेत धरने इत्यादि कई केसेज़ में आरोपी
2) सोमनाथ भारती - इंटरनेशनल स्पैमर, सबूत मिटाने का दोषी, युगांडा कि महिलाओ से बदसलूकी का आरोपी !
3) कुमार विश्वास - धार्मिक भावनाए आहत करने का आरोपी, बिज़नस क्लास में सफ़र करके काला धन लेने वाला आम आदमी !
4) प्रशांत भूषण - स्टाम्प घोटाला का दोषी, आतंकवादी अलगाववादी माओवादी समर्थक
5) संजय सिंह - माओवादी नक्सलवादी समर्थक
6) मनीष सिसोदिया - विदेशी फंड लेने का आरोपी !
7) शाजिया इल्मी - असपनी माँ-भाई को गालिया देने मारपीट करने की आरोपी, पैसा लेके धरना देने की आरोपी
8) धरमेंदर कोली - शराब पीके दंगा करने और विधायक की पत्नी से छेड़छाड़ करने के आरोपी
9) राखी बिडलान - झूठा केस करने की आरोपी
10) अंजलि दमानिया - किसानो की जमीन हडपके महंगे में बेचने की आरोपी, मुम्बई की रोबर्ट वाड्रा !
11) मयंक गांधी - मुम्बई का रियल एस्टेट माफिआ !
12) कमाल फारूखी - इंडियन मुजाहिद्दीन समर्थक
13) कुंदन सिंह - गेंगस्टर, बिहार
14) मल्लिका सराभाई - कबूतरबाज
15) केप्टन गोपीचंद - कई बैंको का डिफाल्टर चोर !
16) बिन्नी - कश्मीर पे रेफेरेंडम करवाने वाला आप का बागी
17) देशराज राघव - राशन माफिया !
18) शोएब इकबाल : स्वघोषित दिल्ली का सबसे बड़ा गुंडा !
19) आशुतोष गुप्ता आईबीएन : पत्रकारो के पेशे को बदनाम करने वाला आप का दलाल !
20) अखिलेश त्रिपाठी : कैंसर के मरीज को जबरन टीबी कि दवा पिलाने का आरोपी !
!!! 卐 !!!

 साभार -फेसबुक

Monday, January 6, 2014

सफलता का कोई शॉर्ट-कट नहीं होता।

सफलता का कोई शॉर्ट-कट नहीं होता।---जो रातों रात दिल्ली का मुख्यमंत्री बन जाए और बिना कोई काम करे प्रधानमन्त्री बनने के सपने देखे , उसे आम नहीं कहते , उसे सीआइए का एजेंट कहते हैं।--गुजरात , मध्य प्रदेश, गोवा , राजस्थान आदि कि सरकारें निष्ठा के साथ अपना काम कर रही हैं , कभी बड़बोलापन नहीं दिखाया , नाजायज़ सपने नहीं देखे ! लेकिन आजकल जो बरसाती मेंढ़कों और गिरगिटों कि जो खेप आयी है , उसे तो बस रातों रात सब कुछ पा लेना है जैसे ! मेहनत, लगन, निष्ठा और राष्ट्रहित का जज़बा होना बेहद ज़रूरी है ! वादा खिलाफी , मासूम जनता कि अपेक्षाओं से खिलवाड़ , बात बात पर पलटना , ये सब अच्छे नायकों के गुण नहीं होते !

Thursday, December 26, 2013

क्या अरविन्द केजरीवाल आम आदमी है ? क्या आम आदमी ऐसे ही होते हैं?

सीआईए की सक्रियता अपने चरम पर है। सीआईए की गतिविधि का एक सिरा केजरीवाल और उनके संगठनों पर विचाराधीन एक जनहित याचिका से जुड़ा है। दिल्ली हाईकोर्ट में इस याचिका के स्वीकार होने के बाद गृह मंत्रालय ने एफसीआरए के उल्लंघन के संदेह पर ‘कबीर’ नाम की गैर सरकारी संगठन के कार्यालय में छापे मारे। यह संस्था टीम अरविंद के प्रमुख सदस्य मनीष सिसोदिया के देख-रेख में चलती है। और यह अरविंद के दिशा निर्देश पर काम करती है। बहरहाल, कबीर के खिलाफ यह कार्रवाई 22 अगस्त, 2012 को हुई थी।
सुप्रीम कोर्ट के वकील मनोहर लाल शर्मा की इस याचिका में आठ लोगों को प्रतिवादी बनाया गया था, इनमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया के अलावा गृहमंत्रालय और फोर्ड फाउंडेशन भी शामिल है। केन्द्र सरकार को तीन महीने में जवाब देना था जो अवधि अगस्त महीने में पूरी हो चुकी। सरकार की तरफ से कोई जवाब नही आया। यहां सवाल ये उठता है कि केन्द्र सरकार अरविंद केजरीवाल के मामले में इतनी उदासीन क्यों है? इस सवाल के जवाब में यचिकाकर्ता मनोहरलाल शर्मा कहते है “ केन्द्र सरकार अरविंद केजरीवाल को इसलिए बचा रही है क्योंकि अरविंद केजरीवाल की मुहिम से कांग्रेस अपना राजनैतिक फायदा देख रही है”
मनोहरलाल शर्मा यही नही रुकते वो कहते हैं “ कांग्रेस सरकार के लिए अरविंद केजरीवाल अगर मुसीबत होते तो बाबा रामदेव और नितिन गडकरी की तरह ही जांच होती और अदालत में सरकार अपना पक्ष रख चुकी होती।” कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि कांग्रेस अरविंद केजरीवाल को आगे कर नरेंद्र मोदी की हवा का रुख बदलने की कोशिश कर रही है।
शर्मा कहते है “ केजरीवाल की भ्रष्टाचार भगाने की मुहिम फोर्ड फाउंडेशन के पैसे से चल रही है, फोर्ड फाउंडेशन अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए का फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशन है जो दुनिया के कुछ देशों में सिविल सोसाइटी नाम से मुहिम चला रहा है।” शर्मा के मुताबिक फोर्ड फाउंडेशन कई देशों में सरकार विरोधी आंदोलनों को समर्थन देता रहा है। साथ ही आर्थिक सहयोग भी मुहैया कराता है। इसी रास्ते उन देशों में अपना एजेंडा चलाता है। केजरीवाल और उनकी टीम के अन्य सदस्य संयुक्त रूप से फोर्ड फाउंडेशन से आर्थिक मदद लेते रहे हैं।
शर्मा ने आगे कहा कि केजरीवाल ने खुद स्वीकारा है कि उन्होंने फोर्ड फाउंडेशन, डच एम्बेसी और यूएनडीपी से पैसे लिए हैं। फाउंडेशन की वेबसाइट के मुताबिक 2011 में केजरीवाल व मनीष की ‘कबीर’ नामक संस्था को करीब दो लाख अमेरिकी डॉलर का अनुदान मिला था। फॉरेन कॉन्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट-2010 के मुताबिक विदेशी धन पाने के लिए भारत सरकार की अनुमति लेना और राशी खर्च करने के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी होता है, लेकिन टीम केजरीवाल के सदस्यों ने नियमों का पालन नहीं किया”
ये सवाल भी लोग पूछ रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल आखिर 20 सालों तक दिल्ली में ही कैसे नौकरी करते रहे? जबकि राजस्व अधिकारी को एक निश्चित स्थान व पद पर तीन वर्ष के लिए ही तैनात किया जा सकता है। अरविंद की पत्नी पर भी उनके महकमें की कृपा रही। ऐसे में सवाल तो उठेंगे ही, क्योंकि अशोक खेमका, नीरज कुमार और अशोक भाटिया जैसे अधिकारियों की हालत जनता देख रही है। अशोक खेमका को 19 साल की नौकरी में 43 तबादलों का सामना करना पड़ा है। नीरज कुमार को 15 साल के कैरियर में 15 बार इधर-उधर किया गया है।

(राकेश सिंह का यह लेख प्रथम प्रवक्ता पत्रिका से साभार है।)

Friday, December 20, 2013

प्रथमे ग्रासे मक्षिका पातः

प्रथमे ग्रासे मक्षिका पातः

दो महान और घाघ पार्टियों में अभी गंठजोड़ हो भी नहीं पायी थी कि आपस में एक दुसरे को दो-मुंहा सांप और छछूंदर कहने कि नौबत आ गयी !

इतनी जल्दी सच्च्चाई सामने आ गयी ?

कृपया SMS से जवाब दें

कृपया SMS से जवाब दें -- 

मेथी का पराठा बनाऊँ या आलू का ?

 [आम जनता से पूछे बगैर अब कोई काम नहीं किया जाएगा]

Zeal

Wednesday, August 1, 2012

मुझे चिंता है आपकी...


भारत देश में लोगों को इंसान और इंसानियत की परख नहीं है। जो राष्ट्र हित में अपनी शान-शौकत वाली नौकरी को तिलांजलि दे देते हैं और अपनी जान की परवाह किये बगैर देश के लिए लडाई लड़ते हैं , उनके त्याग को भी लोग समझ नहीं पा रहे। सरकार तो कसाई, क्रूर और असंवेदनशील है ही, लेकिन हम लोग तो ऐसे नहीं हो सकते। मुझे चिंता है भाई केजरीवाल की। अनशन का आठवां दिन और मधुमेह का रोगी होते भी लडाई जारी रखी है। ईश्वर इस देशभक्त की रक्षा करें और दुर्बुद्धि, घटिया सरकार को सद्बुद्धि दें। -- वन्दे मातरम !

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Friday, July 27, 2012

केजरीवाल...

हाँ मैं अन्ना के साथ हूँ, रामदेव के साथ हूँ , मोदी के साथ हूँ, सुब्रमण्यम स्वामी के साथ हूँ, केजरीवाल के साथ हूँ। यदि इनका साथ दूं तो क्या सेक्युलर कोढियों (गिलानी, अरूंधती, कलमाड़ी, सोनिया, राजा और इनके रबर-स्टाम्पों) का साथ दूं? केजरीवाल का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। अनशन तोड़ देना चाहिए। दो-दो दिन का अनशन करके इस बीमार सरकार का रक्तचाप बढ़ाते रहना चाहिए और स्वयं को भी स्वस्थ्य रखना ज़रूरी, अन्यथा देश को लूटने वाले भेडियों के खिलाफ जंग कैसे जारी रखेंगे। केजरीवाल को अच्छे स्वास्थ्य की शुभकामनाएं।

Monday, February 27, 2012

हैट्स ऑफ केजरी..

ज़रा सी पब्लिसिटी मिलते ही व्यक्ति अपनी इमेज बनाने के फेर में पड़ जाता है। मुझे ख़ुशी है की अरविन्द केजरीवाल ने खरा-खरा बोलने की हिम्मत तो जुटाई। कांग्रेसियों को आईना दिखाने वालों की सख्त ज़रुरत है। अब दिग्गी प्रवचन झाड रहे हैं। कपिल और दिग्गी 'बयानबाजियों' को अपनी बपौती समझते हैं। अब पढ़े-लिखों की 'Tweets' का सामना करना पड़ेगा इन्हें। अकाट्य तर्क है केजरीवाल का। हैट्स ऑफ सर !