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Friday, February 3, 2012

झक्की दिग्गी

दिग्विजय सिंह ने 'लाटूर के भूकंप' और 'जापान की सुनामी' के लिए भी 'RSS' को जिम्मेदार ठहराया।

जय हो !

Zeal

Monday, March 7, 2011

गजब की मानसिकता --The Indian crab mentality .

लेख के प्रारम्भ में एक छोटी सी कहानी है ।

एक बार १० ट्रक , अलग-अलग देशों के केंकड़ों से भरे हुए जा रहे थे । सभी ट्रक ऊपर से बंद थे ताकि कोई केंकड़ा बाहर न निकल जाए । लेकिन भारतीय-केंकड़ों से भरा ट्रक खुला हुआ था । मार्ग में इंस्पेक्टर ने जांच के दौरान पूछा , इसको खुला क्यूँ रखा है , कहीं कोई ऊपर से निकल गया तो ? ड्राईवर ने जवाब दिया - " नहीं जनाब , ऐसा नहीं हो सकता , ये भारतीय केंकड़े हैं । जैसे ही कोई ऊंचाई तक पहुंचेगा , नीचे वाले उसकी टांग पकड़कर खींच लेंगे"

हर जगह ऐसा ही देखने को मिलता है अक्सर। आज बाबा रामदेव के पीछे पड़े हैं सभी । क्यूँ ? यदि कोई इमानदारी के रास्ते पर चलकर , देश हित में कुछ करना चाहता है तो सारे असामाजिक तत्व इतना विचलित क्यूँ हो रहे हैं।क्या बाबा रामदेव ने कोई गुनाह किया है , घोटाला किया है , जो लोग उनके विरोध में सर उठा रहे हैं ?

सच तो ये है की लोग डरते हैं , सत्यवादियों से , इमानदार लोगों से , देश भक्तों से , अन्याय और अनाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों से । ऐसा इसलिए है क्यूंकि उनकी बईमानी से चल रही दूकान बंद जो हो जायेगी।लोग स्वयं तो कुछ करना नहीं चाहते , लेकिन अच्छे लोगों की राह में रोड़ा अटकाना , निंदा करना आदि उनका प्रिय शगल बन जाता है । ईर्ष्या का इलाज नहीं है ।

आज बाबा रामदेव के साथ करोड़ों लोग हैं । इसका कारण है की करोड़ों लोगों के दिल में भ्रष्टाचार दूर करने की चाहत है लेकिन सबके पास इतना वक़्त , हिम्मत और परिस्थियाँ नहीं हैं । लेकिन बाबा रामदेव सच्चे लोगों की एक बुलंद आवाज़ बन गए हैं , लोगों को उनमें एक आशा की किरण दिखने लगी है , इसीलिए करोड़ों लोग बाबा के साथ जुड़ गए हैं और जुड़ना चाहते हैं । गुंडों के गिरोह में गुंडे जुड़ते चले जाते हैं , और इमानदार लोगों के साथ सच्चे और अच्छे लोग । आज बाबा रामदेव के साथ , किरण बेदी , अन्ना हजारे और जेठमलानी जैसी हस्तियाँ जुड़ रही हैं ।

बाबा रामदेव का कहना है की काला धन वापस लाओ । इसमें गलत क्या है ? अगर विदेशों में रखा काला धन वापस लाया जा सके तो इसमें देश की भलाई है । इतनी बड़ी मात्रा में धनराशी विदेशों में क्यूँ है । यदि इसे वापस लाया जा सके तो , आगामी ३० वर्षों तक भारतवासियों को टैक्स ही नहीं भरना पड़ेगा । देश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा देश का काया-कल्प हो सकेगा ।

कुछ लोग डर क्यूँ रहे हैं ? क्या उनका नाम जाहिर हो जाएगा की काला धन उन्होंने जमा किया है ? पहले घर को लूटते हैं , फिर करोड़ों रूपए विदेशों में जमा करते हैं . चोरी करके डरने की क्या जरूरत है ? दिग्विजय सिंह जैसे लोगों को देश की फिकर कम , इसकी ज्यादा है की बाबा अमीर क्यूँ है , सशक्त क्यूँ है , लोकप्रिय क्यूँ है , देशभक्त क्यूँ है । और लालू जी को तकलीफ है बाबा तो सन्यासी है फिर देशभक्ति क्यूँ कर रहे हैं । बैमानों को चैन से जीने क्यूँ नहीं देते । अरे ! देश के बारे में सोचना किसी की बपौती है क्या ? हर नागरिक को अधिकार है की वो देश के हित में सोचे । देश के नाम पर कलंक तो वो लोग हैं , जिनकी विचारधारा अति संकुचित है , अपने परिवार के आगे कभी सोचते ही नहीं । देश के हित में सोचने के लिए समय ही नहीं निकाल पाते ।

एक सार्वजनिक अपील -
  • एक बार सोचिये ये काला धन विदेशों में पहुँचता कैसे है ।
  • कितने लोग इस गिरोह में शामिल हैं ।
  • कैश जाता है या फिर किसी और तरह से
  • किसके मार्फ़त पहुँचता है
  • क्या कस्टम अधकारी सोते रहते हैं , जांच नहीं होती , या फिर ये भी मिले हुए हैं।
  • देश का एक पैसा भी विदेशों में आसानी से ट्रांसफर नहीं हो सकता । पहचान बतानी होती है । बैंक कार्यरत होते हैं ।
  • आखिर जाता कैसे है ये काला धन विदेशों में ।
  • इन सब में बड़ी-बड़ी हस्तियों की मिली-भगत है।

यदि सत्ता में बैठे लोग चाहें तो अन्य देश से बात करके , उन्हें हमारा पैसा वापस करने पर मजबूर कर सकते हैं ।विदेशों में जमा काला धन वापस आना ही चाहिए । इस मुहीम में , मैं भी बाबा रामदेव के साथ हूँ। जो लोग भ्रष्ट हैं वो बाबा रामदेव से ईर्ष्या रखते हैं और ईर्ष्या का कोई इलाज नहीं है।

जय हिंद !