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Thursday, July 25, 2013
Saturday, July 6, 2013
Saturday, April 27, 2013
भारत में लोकतंत्र है अथवा तुष्टिकरण-तंत्र ?
भारत में लोकतंत्र है अथवा तुष्टिकरण-तंत्र ?
भारत कुछ दिनों में आतंकवादियों का गढ़ बन जाएगा क्योकि यहाँ विदेशों से इम्पोर्ट होने वाले इस्लामिक आतंकवादियों की जांच नहीं होती। मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते मुसलामानों को नाजायज प्रोटेक्शन, सुविधायें और आरक्षण दिया जाता है। और कुर्सी पाने के लालची नेता मुल्ला-वोट के लिए इन हिंसक जंतुओं को पालते-पोसते हैं।
एक मुन्नाभाई को बचाने के लिए सात अन्य खूंखार आतंकवादियों को राहत दे दी गयी। अखिलेश यादव ने मुस्लिम चमचागिरी के चलते एक कुख्यात आतंकवादी के सभी गुनाह माफ़ करके उसको रिहा कर दिया।
Zeal
भारत कुछ दिनों में आतंकवादियों का गढ़ बन जाएगा क्योकि यहाँ विदेशों से इम्पोर्ट होने वाले इस्लामिक आतंकवादियों की जांच नहीं होती। मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते मुसलामानों को नाजायज प्रोटेक्शन, सुविधायें और आरक्षण दिया जाता है। और कुर्सी पाने के लालची नेता मुल्ला-वोट के लिए इन हिंसक जंतुओं को पालते-पोसते हैं।
एक मुन्नाभाई को बचाने के लिए सात अन्य खूंखार आतंकवादियों को राहत दे दी गयी। अखिलेश यादव ने मुस्लिम चमचागिरी के चलते एक कुख्यात आतंकवादी के सभी गुनाह माफ़ करके उसको रिहा कर दिया।
Zeal
Wednesday, December 12, 2012
एक अहम् आलेख - अवश्य पढ़िए
एक समय था जब भारत देश में अंध विश्वास के नाम पर मूर्ख बनाकर उनकी
मासूमियत का नाजायज लाभ उठाया जाता था लेकिन अब समय बदल गया है। उन्नत
तकनीक के साथ-साथ शातिर दिमाग वालों ने नयी राहें खोज निकाली हैं लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करके उनके भोलेपन का नाजायज़ फायदा उठाने के लिए!
और इस नयी विकसित स्वार्थी तकनीक का नाम है -'सेक्युलेरिज्म' अथवा धर्म-निरपेक्षता।
धर्मनिरपेक्ष
का अर्थ होता है एक ऐसा प्राविधान जिसके तहत किसी भी धर्म विशेष को कोई
विशेष अधिकार या सुविधायें न प्राप्त हों। सभी धर्मों के लिए एक जैसा
मापदंड हो। किसी के भी साथ किसी प्रकार का अन्याय न होने पाए! सभी
अपनी-अपनी आस्थाओं के साथ और एक जैसी सुख सुविधाओं के साथ सुकून से जियें!
लेकिन
अफ़सोस कि भारत देश ने इन मापदंडों को कभी नहीं माना। इसके विपरीत भारत की
सरकारों ने धर्म-निरपेक्ष शब्द के मायने ही बदल दिए ! हमारे देश में
सेक्युलर होने का अर्थ हो गया 'मुस्लिम तुष्टिकरण' ! हर राज्य की
सरकार स्वयं को सबसे बड़ा सेक्युलर सिद्ध करने की होड़ में लग गयी , लेकिन
सभी की दौड़ 'मुस्लिम तुष्टिकरण पर जाकर ही समाप्त हुयी !
बंगाल में
तसलीमा नसरीन जैसी विश्व विख्यात लेखिका को राज्य से निकाल दिया गया
क्योंकि उन्होंने इस्लाम की सच्चाई से पर्दा उठा दिया था! यही हश्र सलमान
रुश्दी का भी किया गया।
मुस्लिमों को आरक्षण देकर हिन्दुओं के अधिकारों का दमन भी धर्म-निरपेक्षता नहीं अपितु 'मुस्लिम तुष्टिकरण है'
हिन्दुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हुए अनेक राज्यों में कत्लखाने खुलवाना और गोहत्या करवाना क्या धर्म-निरपेक्षता है या फिर मुस्लिम तुष्टिकरण?
उत्तर
प्रदेश में मुलायम सिंह और अखिलेश यादव द्वारा जो किया जा रहा है वो
सर्व-विदित है! मुस्लिम बच्चियों की शिक्षा के लिए 30 हज़ार दिए जायेंगे और
हिन्दू बच्चियां को ?
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इमानदारी का
हवाला देते हुए एक मुसलमान एस ए इब्राहिम को खुफिया ब्यूरो का प्रमुख
बनाया। उनसे चार वरिष्ठ और काबिल अफसरों को नज़र अंदाज़ कर उन्हें खुफिया
ब्यूरो का प्रमुख नियुक्त किया है। ये मुस्लिम तुष्टिकरण की गन्दी राजनीति नहीं तो और क्या है?
अजमल
कसाब और अफज़ल गुरु जैसे घृणित आतंकवादियों को शाही दामाद की तरह रखना वोट
बैंकों के ध्रुवीकरण की सस्ती राजनीति है , जिसे सरकार धर्म-निरपेक्षता
कहकर हिन्दुओं पर कहर बरपा रही है और मुसलामानों से उनका स्वाभिमान छीन रही
है !
मुसलमान कठपुतली बनकर जीने को मजबूर हो गए हैं और हिन्दू लाचार बना दिए गए हैं।
इस सब का कारण है छद्म धर्म निरपेक्षता अर्थात मुस्लिम तुष्टिकरण!
Wednesday, April 18, 2012
कुमार राधारमण नामक ब्लॉगर पर 'मुस्लिम तुष्टिकरण ' का भूत
गो-ह्त्या के विरोध में लिखी गयी मेरी इस पोस्ट पर ब्लॉग जगत के गुंडे अनवर जमाल को बहुत मिर्ची लगी। उसने मेरे खिलाफ एक आलेख लिखकर अपनी भड़ास निकाली, जिस पर किसी भी शरीफ हिन्दू ने शिरकत नहीं की , लेकिन ईर्ष्या और द्वेष के चलते 'कुमार राधारमण' नामक ब्लॉगर ने निम्नलिखित टिप्पणी की --
"
"
- कुमार राधारमण said...
-
दिव्याजी ने हिंदी ब्लॉगिंग में महत्वपूर्ण योगदान किया है। किंतु,पिछले कुछ समय की उनकी दो-चार पोस्टें निश्चय ही निंदनीय हैं। इन्हें देखकर यह यक़ीन करना मुश्किल होता है कि हम उन्हीं दिव्याजी को पढ़ रहे हैं जिनकी पोस्टें कभी गहन बौद्धिक विचार-विमर्श का केंद्र हुआ करती थीं।
- April 17, 2012 11:21 PM
श्रीमान राधारमण जी ,
आप जैसे हिन्दुओं के कारण ही--
- हिन्दू धर्म का विनाश हो रहा है।
- गो ह्त्या बढती जा रही है।
- अनवर जमाल जैसे गुंडों का मनोबल बढ़ रहा है
- मुस्लिम तुष्टिकरण , देश को डुबो रहा है।
कब परिपक्वता आएगी आप जैसों में ? हिन्दू धर्म पर कलंक मत बनिए।
आतंकवादियों के साथ भाईचारा निभायिये लेकिन दुसरे ब्लॉगर्स को "सर्टिफिकेट" देने की कुचेष्ठा मत कीजिये।
आपका कमेन्ट अत्यंत निंदनीय है और आपकी ईर्ष्या को परिलक्षित कर रहा है। आज आप भी उसी जमात में शामिल हो गए जिसमें मुझसे द्वेष रखने वालों की लम्बी कतार पहले से ही थी। अत्यंत खेद जनक है आपकी टिप्पणी।
जय हिंद !
जय हिन्दू।
वन्देमातरम !
Labels:
Muslim appeasement
Saturday, April 7, 2012
बुखारी का बुखार--पारा निकला १०७ F के पार
पेट्रोल के दाम बढ़ गए हैं....oops....मुसलमानों के दाम बढ़ गए हैं। ---आज़म खान बनाम इमाम बुखारी के बीच विष-वर्षा तीव्र हो गयी है। दोनों ही श्रेय पाना चाहते हैं की मुसलमानों का वोट उनकी वजह से मिला है समाजवादी पार्टी को । आज़म खान का आरोप है की -"बुखारी , भाई-दामाद को राज्य सभा 'ना' भेजने के मुलायम से नाराज़ हैं। ये पहले दिल्ली के मुसलमानों का ध्यान रखें, उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को हम संभाल लेंगे"---- उधर जनाब बुखारी का कहना है की "आज़म खान बहुत बदतमीज है और बेहूदा बात करता है। "-- वोटों की खरीद फरोख्त का हिसाब-किताब गड़बड़ा गया है और अकाउंटेंट बने यादव जी बैलेंस-शीट का मिलान करने में फंसे हुए हैं।
जय हिंद !
Zeal
जय हिंद !
Zeal
Monday, February 6, 2012
खुर्शीद का चुनावी विज्ञापन
उत्तर प्रदेश में मुस्लिम जमात को लुभाने के लिए कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने सभी चुनावी आचार संहिता को धत्ता बताते हुए मुस्लिम-आरक्षण का विज्ञापन देने की चेष्टा की। लेकिन एलेक्शन-कमीशन ने इस प्रकार के घटिया 'लोलीपॉप' का विज्ञापन करके वोट लूटने पर रोक लगा दी है। कांग्रेस की दाल नहीं गली, क्योंकि बिना मुस्लिमों को लुभाए उन्हें वोट मिलना आसान नहीं।
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