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Monday, April 9, 2012

ज़रदारी कि सरदारी

आतंकवाद के मुद्दे पर 'चुप्पी' साधने वाले ज़रदारी ने अल्लाह ताला से दुआ माँगी कि - " तमाम इंसानियत के लिए आसानियाँ पैदा करे"। इस दोगलेपन को क्या कहा जाए ? एक और तो पाकिस्तान आतंकवादियों का शरणस्थल है दूसरी और इंसानियत की बातें करके ढकोसले करता है।

चलो बुलावा आया है, पकिस्तान ने बुलाया है.

एक अरब भारतीयों की चीखों में वो दम नहीं जो पाकिस्तानियों की मिश्री घुली आवाज़ में है। जरदारी और बिलावल के चाशनी में भीगे निमंत्रण पर क्रमशः मनमोहन जी और राहुल जी अब पाकिस्तान जायेंगे। सरबजीत तुम सड़ते रहो, २६/११ वालों तुम तड़पते रहो। न्याय नहीं मिलता इस देश में।