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Wednesday, October 3, 2012

इतना बेहूदा और अश्लील बयान ?

कांग्रेसी कोयला मंत्री का यह कहना कि  -- "औरत जब पुरानी हो जाती है तो मज़ा नहीं देती " ---बेहद दुखद और खेदजनक है ! इस तरह के बेहूदा और अश्लील बयान देने वाले सत्ता में बैठकर , जनता के पैसों पर ऐश कर रहे हैं। और उससे भी घृणित ये है की कांग्रेसी महिला मंत्री इन जैसों के इस घटिया बयान को लीपा-पोती कर सही ठहरा रही हैं। क्या हो गया है इन कांग्रेसियों को? न पुरुषों में लज्जा है न ही स्त्रियों में कोई स्वाभिमान शेष रह गया है?

महिला आयोग भी चुप हैं ?

हो रहा भारत निर्माण ....?

Saturday, May 12, 2012

जात-पात का जिम्मेदार कौन ?

जात-पात का जिम्मेदार कौन है ?---किसने बढ़ावा दिया इस जाति आधारित जनगणना को ?

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भारत की जाति आधारित जनगणना [Census] में घरेलु काम करने वाली महिलाओं [ Housewives] को वैश्या , भिखारी तथा कैदी की श्रेणी में रखा है ।


इस category में रखने के पीछे कारण दिया गया की ये सभी [Economically non-productive ] हैं । अर्थात कुछ कमाते धमाते नहीं। इसलिये फालतू लोगों को इकठ्ठा कर दिया। अब अधिकारी महोदय को क्या कहें। अच्छा किया हम लोगों को हमारी औकात बता दी।


सुबह से रात मर-मर कर घर संभालो करो और बदले में तमगा क्या मिला है --" निकम्मे भिखारी "


बड़ा निडर अधिकारी है भाई, इतना साहसिक कार्य करते हुए ज़रा भी नहीं डरा?


एक और तो भाषण देते हैं, घर-बच्चे संभालो । दूसरी ओर कमासुत न होने के कारण भिखारी का दर्जा देते हैं?


एक घरेलु महिला की एक्सिडेंट में मौत होने पर मुआवजा भी कम ? वाह भाई वाह ! क्या जलवे हैं मर्दों के ?


एक घरेलु महिला [housewife] के कामों की कोई कीमत नहीं ?....अरे तो फिर गिनती भी मत करो हमारी । कीड़े - मकोड़ों को गिनता है भला कोई ?


भिखारियों की इज्ज़त भी मिटटी में मिला दी...बिचारे काटोरा लिए दिन भर में २०० रूपए तो कमाते ही होंगे।


ओर ये वेश्याएं ?...अच्छी कमाई करती होंगी ?....फिर घरेलु महिलाओं के साथ clubbing करके क्यूँ बिचारी वैश्या ओर भिखारी को नीचा दिखा रहे हैं।


वैसे आपका क्या ख्याल है ?...Housewives....वैश्याएँ....कैदी ओर भिखारी , क्या सभी को एक ही श्रेणी में रखना उचित है ?

Zeal