प्रशासन की गैर जिम्मेदारी ने ली एक सैकड़ा से ज्यादा जानें! स्वस्थ होने आये मरीजों को मौत के मुंह में धकेला अस्पताल प्रशासन ने ! इतना बड़ा अस्पताल और आग बुझाने के सही उपाय भी नहीं किये गए ! सारा समय धन बटोरने की कवायद में लगे रहेंगे तो मरीजों की सुरक्षा के बारे में सोचा ही नहीं होगा ! आंधी आये या आग लगे , इनका क्या जाता है, मरने वाले तो इंसान नहीं कीड़े-मकोड़े हैं इनके लिए !ये जिन्दा रहे बस काफी है, बाकि कोई मरे या जिए क्या फरक पड़ता है!
अस्पताल चलायें या किराने की दूकान , सेवा देते समय अपनी जिम्मेदारी का पूरा एहसास होना चाहिए ! हज़ारों लोग आप पर विश्वास कर रहे हैं! उनकी जिम्मेदारी है आप पर! यदि जिम्मेदारी नहीं उठा सकते इमानदारी के साथ तो अपनी दुकानें बंद रखिये !
ढीली-ढाली सरकारें ज़रा कमर कसें तो बेहतर होगा! जांच न बैठाएं और सफाई न दें ! निरंतर संस्थानों की निगरानी रखें ! सुरक्षा व्यवस्था सबसे ज़रूरी है ! अपनी अकर्मण्यता को छुपायें नहीं! प्रदेश सरकार और अस्पताल प्रशासन की जितनी निंदा की जाए, कम होगी!
Zeal