जन आक्रोश से बचने के लिये ब्रिटिश सरकार ने भगत
सिहँ, सुखदेव और राजगुरु की लाशों को गुप्त तरीके से आधी रात में ही जला
दिया था। वह इम्पीरियलिज्म जिस की आज तक निन्दा होती है।
हमारी लोक ताँन्त्रिक परन्तु बेशर्म सरकार ने आज ब्रिटिश सरकार की भी हदें पार कर डाली हैं।
सरकार ने गैंग रेप पीडिता का दाह संस्कार प्रधान मन्त्री मनमोहन सिहँ और काँग्रेस अध्यक्ष सोनियां गाँधी की उपस्थिति में कर जनता के जागने से पहले ही सबूतों को मिटा डाला है।
भारत में ऐसा ना कभी हुआ था और शायद ना कभी होगा। अभी और भी गैंग रेप से पाडित इस देश में हैं। दो दिन पहले ऐक पीडिता ने आत्म हत्या भी कर ली थी। क्या सोनियां और प्रधान मन्त्री मनमोहन सिहँ उस लडकी के दाह संस्कार में शामिल हुये थे और आगे सभी दाह संस्कारों में उपस्थित रहा करें गे?
लोक ताँत्रिक व्यवस्थाओं में पारदर्शिक्ता लाने के बजाये सरकार ऐसा क्यों कर रही है? सोनियां की बीमारी छुपाई जाती है, उस की बीमारी पर विदेशी इलाज के खर्चे छुपाये जाते हैं, कालाधन वालों के नाम छुपाये जाते हैं। अब तो लगने लगा है कि अगर चीन या पाकिस्तान हमारे देश के किसी भाग पर अतिक्रमण कर ले गा तो सोनियां मनमोहन सिहँ उसे भी छुपा लें गे। क्या सरकार की नजर में भारतवासी विशवास के लायक नहीं रहै जो उन से सभी कुछ छुपाया जा रहा है? क्या यह देश सोनियां मनमौहन सिहँ की प्राईवेट प्रापर्टी बन चुका है?
यह सरकार अब किसी भरोसे या स्पष्टीकरण का अधिकार नहीं रखती। युवाओं का देश के प्रति अब यही कर्तव्य है कि इस सरकार को सत्ता से ही बे दखल करे और सोनियां मनमोहन सिहँ से देश वासियों के घोर अपमान का जबाब मांगे।
हमारी लोक ताँन्त्रिक परन्तु बेशर्म सरकार ने आज ब्रिटिश सरकार की भी हदें पार कर डाली हैं।
सरकार ने गैंग रेप पीडिता का दाह संस्कार प्रधान मन्त्री मनमोहन सिहँ और काँग्रेस अध्यक्ष सोनियां गाँधी की उपस्थिति में कर जनता के जागने से पहले ही सबूतों को मिटा डाला है।
भारत में ऐसा ना कभी हुआ था और शायद ना कभी होगा। अभी और भी गैंग रेप से पाडित इस देश में हैं। दो दिन पहले ऐक पीडिता ने आत्म हत्या भी कर ली थी। क्या सोनियां और प्रधान मन्त्री मनमोहन सिहँ उस लडकी के दाह संस्कार में शामिल हुये थे और आगे सभी दाह संस्कारों में उपस्थित रहा करें गे?
लोक ताँत्रिक व्यवस्थाओं में पारदर्शिक्ता लाने के बजाये सरकार ऐसा क्यों कर रही है? सोनियां की बीमारी छुपाई जाती है, उस की बीमारी पर विदेशी इलाज के खर्चे छुपाये जाते हैं, कालाधन वालों के नाम छुपाये जाते हैं। अब तो लगने लगा है कि अगर चीन या पाकिस्तान हमारे देश के किसी भाग पर अतिक्रमण कर ले गा तो सोनियां मनमोहन सिहँ उसे भी छुपा लें गे। क्या सरकार की नजर में भारतवासी विशवास के लायक नहीं रहै जो उन से सभी कुछ छुपाया जा रहा है? क्या यह देश सोनियां मनमौहन सिहँ की प्राईवेट प्रापर्टी बन चुका है?
यह सरकार अब किसी भरोसे या स्पष्टीकरण का अधिकार नहीं रखती। युवाओं का देश के प्रति अब यही कर्तव्य है कि इस सरकार को सत्ता से ही बे दखल करे और सोनियां मनमोहन सिहँ से देश वासियों के घोर अपमान का जबाब मांगे।
By Chand K Sharma