प्रशांत भूषण ने देश को शर्मसार किया , देशद्रोह किया , हमवतनों के साथ गद्दारी की । अखंड भारत को खंड -खंड करने का आवाहन किया। ये बुद्धजीवी अपनी बुद्धि क्या दरिया में बहा आते हैं? भारत का हित किसमें है , क्या यह भी नहीं जानते । ज्वर से पीड़ित होकर जैसे प्रलाप होता है , वैसे ही प्रशांत भूषण और अरुंधती आदि का अनर्गल प्रलाप होता रहता है समय-समय पर।
देश को दीमक की तरह चाट रही कांग्रेस ही इन अनर्गल प्रलापों की जिम्मेदार है। कांग्रेस से ज्यादा खतरनाक हैं कांग्रेसी मानसिकता वाले भारतीय। दोहरा चरित्र इनकी पहचान है। मासूम , निर्दोष और भोली जनता का समर्थन प्राप्त करने के बाद ये पूरी ताकत के साथ आम जनता के विश्वास का गला घोंटते हैं।
हमारे देश की अकर्मण्य और भीरु सरकार कसाब जैसे आतंकवादियों को पालती पोसती है , लेकिन साध्वी प्रज्ञा जैसे देशभक्तों को सरकारी अस्पताल में तिल-तिल मरने को मजबूर करती है। यहाँ संतों और जनता को आधी रात में मरवाया जाता है। बहिन राजबाला , निगमानंद और अरुण दास जैसे देशभक्त रोज़ ही शहीद होंगे जब तब तक बिना रीढ़ की हड्डी वाले भूषण हमारे देश का आभूषण बनेंगे।
जिन वीरों ने प्रशांत भूषण को उनके गैरजिम्मेदाराना वक्तव्य के लिए पिटाई की , उनको नमन। उन्होंने भारत की मिटटी में जन्म लेने का ऋण अदा कर दिया। जिन्दा कौमें पांच साल तक इंतज़ार नहीं करतीं। दुष्टों, भ्रष्टों, गद्दारों और मक्कारों को सजा तुरंत दे देनी चाहिए। सरकार और अदालतों से न्याय की उम्मीद व्यर्थ है।
आज देश को ज़रुरत है शहीद भगत सिंह जैसे वीरों की नयी खेप की। वतन पर मर मिटने वालों देशभक्तों की । अखंड भारत का स्वप्न देखने वालों की । दुश्मन मुल्कों के नापाक इरादों को धूल चटाने वालों की, देश के साथ गद्दारी करने वालों की नाक सड़क पर रगड़ देने वालों की ।
आज ज़रुरत है नेताजी जैसे वीरों की और एक ऐसी फ़ौज की जो गद्दारों के हौसले पस्त कर दे और अकर्मण्य सरकार को उखाड़ फेंके। एक ऐसी फ़ौज जिसमें सिर्फ इमानदार , निस्वार्थ , निडर , निर्भीक और देशभक्त नागरिक हों।
जय हिंद !
जय भारत !
भारत का स्वाभिमान बचा रहे।
भारत की अखंडता बनी रहे।
भारतवासियों का विश्वास बना रहे ।
Zeal
देश को दीमक की तरह चाट रही कांग्रेस ही इन अनर्गल प्रलापों की जिम्मेदार है। कांग्रेस से ज्यादा खतरनाक हैं कांग्रेसी मानसिकता वाले भारतीय। दोहरा चरित्र इनकी पहचान है। मासूम , निर्दोष और भोली जनता का समर्थन प्राप्त करने के बाद ये पूरी ताकत के साथ आम जनता के विश्वास का गला घोंटते हैं।
हमारे देश की अकर्मण्य और भीरु सरकार कसाब जैसे आतंकवादियों को पालती पोसती है , लेकिन साध्वी प्रज्ञा जैसे देशभक्तों को सरकारी अस्पताल में तिल-तिल मरने को मजबूर करती है। यहाँ संतों और जनता को आधी रात में मरवाया जाता है। बहिन राजबाला , निगमानंद और अरुण दास जैसे देशभक्त रोज़ ही शहीद होंगे जब तब तक बिना रीढ़ की हड्डी वाले भूषण हमारे देश का आभूषण बनेंगे।
जिन वीरों ने प्रशांत भूषण को उनके गैरजिम्मेदाराना वक्तव्य के लिए पिटाई की , उनको नमन। उन्होंने भारत की मिटटी में जन्म लेने का ऋण अदा कर दिया। जिन्दा कौमें पांच साल तक इंतज़ार नहीं करतीं। दुष्टों, भ्रष्टों, गद्दारों और मक्कारों को सजा तुरंत दे देनी चाहिए। सरकार और अदालतों से न्याय की उम्मीद व्यर्थ है।
आज देश को ज़रुरत है शहीद भगत सिंह जैसे वीरों की नयी खेप की। वतन पर मर मिटने वालों देशभक्तों की । अखंड भारत का स्वप्न देखने वालों की । दुश्मन मुल्कों के नापाक इरादों को धूल चटाने वालों की, देश के साथ गद्दारी करने वालों की नाक सड़क पर रगड़ देने वालों की ।
आज ज़रुरत है नेताजी जैसे वीरों की और एक ऐसी फ़ौज की जो गद्दारों के हौसले पस्त कर दे और अकर्मण्य सरकार को उखाड़ फेंके। एक ऐसी फ़ौज जिसमें सिर्फ इमानदार , निस्वार्थ , निडर , निर्भीक और देशभक्त नागरिक हों।
जय हिंद !
जय भारत !
भारत का स्वाभिमान बचा रहे।
भारत की अखंडता बनी रहे।
भारतवासियों का विश्वास बना रहे ।
Zeal