
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक राष्ट्रवादी संघ है जिसकी स्थापना १९२५ में नागपुर के डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। यह संघ निस्वार्थ रूप से देश की सेवा कर रहा है । इसकी स्थापना सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था के रूप में की गयी थी, जिससे देश को एकजुट किया जा सके और अंग्रेजों तथा मुस्लिम की अलगाववादी नीतियों से देश के विभाजन को रोका जा सके।
इस संस्था ने अनेक स्कूल और ऐसी अन्य संस्थाओं की स्थापना की जहाँ के स्वयंसेवकों ने अपनी चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा दी , ग्रामीण इलाकों का विकास किया, दलितों के उत्थान में तत्पर रहे , कुष्ठ रोगियों तथा शारीरिक वा मानसिक रूप से विकलांग बच्चों के पुनर्स्थापन में विशेष योगदान दिया। संघ के स्वयंसेवक ,किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा आने पर निस्वार्थ रूप से ज़रूरतमंदों की हर संभव मदद करते हैं। शिक्षा एवं कृषि के क्षेत्र में इस संस्था का अभूतपूर्व योगदान है।
हमारे देश को लूटने और गुलाम बनाने वाले अंग्रेजों और कांग्रेस ने इस संस्था को तीन बार बैन किया । संघ की बढती लोकप्रियता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना ने इन लुटेरों और अलगाववादियों के मन में खौफ पैदा कर दिया।
१९४७ में भारत विभाजन के समय जब लाखों हिन्दू, मुस्लिम और सिख हिंसा का शिकार हो रहे थे तब उनको बचाने में भी इन स्वयंसेवकों ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई।
अंग्रेजों से मिली आजादी के बाद RSS ने दादरा नागर हवेली और गोवा को १९५५ में पुर्तगालियों के चंगुल से मुक्त कराया।
चुनाव प्रक्रिया में गलत तरीकों का इस्तेमाल करने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा गांधी को चुनाव से निष्कासित कर दिया । इससे नाराज़ एवं अति-उग्र होकर इंदिरा गांधी ने १९७५ में 'आपातकाल' की घोषणा कर दी, अनेकों देशभक्तों , निरपराध और मासूमों को गिरफ्तार कर लिया गया। लोगों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित कर दिया गया, प्रेस के सारे अधिकार ले लिए गए, और RSS आदि समाज एवं राष्ट्रसेवी संस्थाओं पर भी बैन लगा दिया गया। ऐसी विषम परिस्थियों में RSS ने अपने धैर्य और शांतिपूर्ण सद्प्रयासों से १९७७ में देश में 'लोकतंत्र' की बहाली की।
RSS ने दलितों और पिछड़ी जातियों के उत्थान के लिए अभूतपूर्व योगदान किये। ऊंची और नीची जाती के भेद को मिटाया और समानता और एकता की भावना को बढाया। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रचार-प्रसार पर RSS सदैव अग्रणी रहा।
सन २००१ में गुजरात में आये भूकंप ने जो हाहाकार मचाया उसमें भी RSS ने ही ,लोगों को जीवन-दान दिया और गावों को शीघ्रता से पुनः बसाया । किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा हो RSS अपने स्वयंसेवकों के साथ 'मानवता' की मदद एवं उद्दार के लिए सबसे अग्रणी रहता है।
धन्य है राष्ट्र-सेवा के लिए समर्पित ऐसी संस्था ।
जय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
जय हिंद
जय भारत
वन्दे मातरम् !
Zeal