If wealth is lost, nothing is lost
If Health is lost, something is lost
If Character is lost , Everything is LOST.
हमारे देश के नेताओं ने तो अपना चरित्र ही खो दिया है ! FDI के मुद्दे पर जिस तरह से मत विभाजन हुआ है , सिर्फ अपने स्वार्थ को देखा है उन्होंने ! किसान, खुदरा व्यापारी और आम जनता के हितों का ध्यान कतई नहीं रखा गया ! सिर्फ अपनी-अपनी कुर्सी बचाने के लिए सस्ती-गणित की गयी है ! विदेशी आकर हमें लूट भी लें तो भी , गुलाम भी बना लें तो भी इन राजनेताओं पर क्या फरक पडेगा भला? आत्महत्या तो किसान करेंगे ! मरेगी और भुगतेगी तो आम जनता ही , इनका क्या जाएगा ! फिर से कोई नेहरू और कोई मोहम्मद अली जिन्नाह पैदा हो जाएगा!
Zeal
If Health is lost, something is lost
If Character is lost , Everything is LOST.
हमारे देश के नेताओं ने तो अपना चरित्र ही खो दिया है ! FDI के मुद्दे पर जिस तरह से मत विभाजन हुआ है , सिर्फ अपने स्वार्थ को देखा है उन्होंने ! किसान, खुदरा व्यापारी और आम जनता के हितों का ध्यान कतई नहीं रखा गया ! सिर्फ अपनी-अपनी कुर्सी बचाने के लिए सस्ती-गणित की गयी है ! विदेशी आकर हमें लूट भी लें तो भी , गुलाम भी बना लें तो भी इन राजनेताओं पर क्या फरक पडेगा भला? आत्महत्या तो किसान करेंगे ! मरेगी और भुगतेगी तो आम जनता ही , इनका क्या जाएगा ! फिर से कोई नेहरू और कोई मोहम्मद अली जिन्नाह पैदा हो जाएगा!
Zeal
