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Wednesday, February 1, 2012

बढती मुस्लिम आबादी एक विश्व-संकट (Muslim demographics (Europe, USA, Scandinavia)

हमारी भावी पीढियां एक पूर्णतया बदली हुयी संस्कृति में पैदा होंगी। किसी भी संस्कृति को बरकरार रखने में "जन्म-दर' का सबसे बड़ा योगदान है। आज अमेरिका, फ़्रांस, कनाडा, जर्मनी , स्वीडन , बेल्जियम , नीदरलैंड आदि में यूरोपियन्स की औसत जन्म दर . है जबकि मुस्लिम की जन्म-दर . है। इतनी तीव्रता से बढती मुस्लिम आबादी वहां की मौलिक सभ्यता को तेज़ी से समाप्त कर रही है

इस तरह तीव्रता से बढती आबादी द्वारा --

५० वर्षों में जर्मनी पूरी तरह मुस्लिम स्टेट हो जायेगा।
३९ वर्षों में फ्रांस में मुस्लिम गणतंत्र होगा।
१७ वर्षों में बेल्जियम की एक-तिहाई आबादी मुस्लिम होगी।

२०२५ तक अधिकाँश देशों की आधी सेना मुस्लिम होगी।

सन १९७० में अमेरिका में १००० मुस्लिम थे , जबकि २०१२ में ,०००००० हो गए हैं
यूरोप में इस समय मुस्लिम आबादी ५२ मिलियन है , जो एक दशक में बढ़कर दोगुनी हो जायेगी।

इन आकड़ों को देखते हुए अनुमानतः २०५० तक अन्य सभी सभ्यताएं समाप्त हो जायेंगी और सिर्फ इस्लाम बचेगा।
और फिर स्वीडन वाला हाल होगा जहाँ मुस्लिम सभ्यता का प्रसार हो जाने के कारण क्राईम , बलात्कार, अनाचार और हिंसा का बोलबाला है। लोगों के पास अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है।

ये तो था पश्चिमी देशों का आंकड़ा और खतरा। भारतवासियों को समय रहते चेतना होगा। अपनी सभ्यता को बचाना होगा। देश में हो रहे मंदिरों के विनाश को रोकना होगा। अपने धर्म में आस्था रखनी होगी और निज में गर्व महसूस करने की ज़रुरत है।

आज हैदराबाद में "महालक्ष्मी मंदिर" में घंटे बजाये जाने पर प्रतिबन्ध लगा दिया है , कल को हमारी सांस लेने पर भी प्रतिबन्ध लगवा देंगे ये लोग। क्या हम भयभीत हैं ? या फिर कायर? या फिर नपुंसक ? जो अपने मदिरों में आरती और घंटे भी नहीं बजा सकते ? हमारे घंटे इन्हें तकलीफ देते हैं और ..इनकी अजान ?

कबीरदास जी के शब्दों में --

काकर-पाथर जोरी के , मस्जिद दियो बनाए,
ता चढ़ी मुल्ला बांग दे, का बहरा हुआ खुदाय ?

हमें ही ,
आतंकवादियों से खतरा है ,
ही आत्मघाती बोम्बर्स से ,
ना ही गोलियों से और ना ही तोप से,
केवल ये बढती मुस्लिम आबादी , बिना कुछ किये ही हमें पूरी तरह से समाप्त कर देने के लिए काफी है। और इसे बढ़ावा दे रहे हैं धर्म-भीरु, प्रवचनकारी-पाखंडी और छद्म-सेकुलर जमात।

जय हिन्दू,
जय भारत,
वन्दे मातरम् !

जय श्री राम !
जय महाकाल !

Zeal !



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