वोट लूटने की खातिर , खिलवाड़ करते नेता। अब मुलायम महोदय का चुनावी स्टंट आया है की मुझे जिताओ , मैं सेंट्रेल की तरह स्टेट यूनीवरसिटी में भी प्रोफेसर्स की रिटायरमेंट की उम्र ६२ से ६५ वर्ष करवा दूंगा। ६२ ही ज्यादा है ६५ की क्या ज़रुरत है? क्या युवाओं को पढ़ाने का मौका नहीं मिलना चाहिए क्या? जब UGC में रिटायर्मेंट के बाद दो वर्ष की "प्रोफ़ेसर-अमेरिटस " की सुविधा है तो ६५ वर्ष करने की क्या आवश्यक है? उम्र बढ़ाकर युवा पीढ़ी को नौकरी के अवसरों से वंचित करना उचित नहीं लगता।