Sunday, January 13, 2013

बेहद प्रेरणादायी एक सत्य घटना

सरकारी महकमे में एक चपरासी था। अचानक पत्नी के देहांत हो जाने से सब अस्त-व्यस्त हो गया। छोटे-छोटे तीन बच्चों को कौन संभालता।  बच्चों की मौसी ने माँ की तरह तीनों बच्चों को पाला और उन्हें लायक बनाया। मौसी और उस व्यक्ति के बीच कोई प्रेम-सम्बन्ध नहीं था !  मौसी का भी कोई नहीं था ! रोजी रोटी का भी कोई सहारा नहीं था !

उस व्यक्ति ने अपने रिटायरमेंट के बाद  उससे विधिवत , कानूनी विवाह कर लिया और कहा की उसकी मृत्यु के बाद उसकी पेंशन उसकी नयी पत्नी को मिले!  एक वर्ष बाद उस व्यक्ति की मृत्यु हो गयी !  वो पेंशन आज भी उस स्त्री (मौसी) को मिल रही है और उसी से उसका गुजारा चल रहा है!

वो व्यक्ति कभी भी उससे मिलने नहीं गया ताकि कोई भी अनायास उस स्त्री पर ऊँगली ना उठा सके, लेकिन उसके एहसानों का बदला चुका गया !

धन्य हैं ऐसे लोग

Zeal

Friday, January 11, 2013

पुरुषों से दोस्ती करें अथवा ना करें ?

संत आसाराम बापू का कहना है की "पुरुषों से दोस्ती की जायेगी तो बलात्कार बढ़ेंगे "

इस तरह की बचकानी बात पहले कभी नहीं सुनी !  सभी पुरुष एक जैसे नहीं होते, अतः बलात्कार की घटनाओं को देखकर सभी पुरुषों को राक्षस-स्वरुप में देखना अनुचित है ! स्त्रियों को पुरुषों से दूर रहने की हिदायत देना और स्त्री-पुरुष में भेदभाव बढाने की बातें करना पूर्णतया तर्कविहीन है !

स्त्री और पुरुष एक दुसरे के पूरक हैं ! समाज स्त्री और पुरुष दोनों से मिलकर बना है ! दोनों ही एक दुसरे के अभिन्न अंग हैं , अलग नहीं किये जा सकते! ये सृष्टि दोनों के मिले जुले योगदान से ही चल रही है ! यदि प्रकृति के विरुद्ध जाकर उन्हें पृथक करने की योजना की गयी तो सृष्टि के समस्त कारोबार ही रुक जायेंगे!

आसाराम बापू का ये कथन की लड़कियों को लड़कियों के साथ ही दोस्ती करनी चाहिए और उन्हीं के साथ निकलना चाहिए , पुरुष मित्रों के साथ नहीं !

क्या आसाराम जी को यह नहीं समझ आता  है की उस रात यदि वो लड़की अपने होने वाले पति की जगह अपनी किसी सहेली के साथ गयी होती तो एक नहीं दो लड़कियों का बलात्कार होता ! और यदि उस मित्र की जगह उसके साथ उसके भाई अथवा पिता होते तो क्या बलात्कारियों ने उसे छोड़ दिया होता?

आसाराम जी , दोष स्त्री-पुरुष मित्रता में नहीं है , दोष है समाज में पनपती गनदी मानसिकता का ! दोष है सही संस्कारों के ना मिल पाने का ! सही शिक्षा और गाइडेंस न मिल पाने का !

ऐसे जघन्य अपराधों का समाधान है--- कठोर से कठोरतम सज़ा , संस्कार और नैतिक मूल्यों का धारण करना!

स्त्री और पुरुष को दोष देने से कुछ नहीं होगा !

Thursday, January 10, 2013

विनम्र श्रद्धांजलि

सरहदों की विषम परिस्थितियों में हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जान देने वाले शहीद लांस नायक हेमराज और शहीद लांस नायक सुधाकर सिंह को
विनम्र श्रद्धांजलि!
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काश हमारी सरकार वोट-बैंक से हटकर देश की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखती तो यूँ हमारे जवानो को शहीद न होना पड़ता!

Zeal

Tuesday, January 8, 2013

एक अमीर बलात्कारी --

कसाब का कोई दोष नहीं था , गलती मरने वालों की थी, वे ताज होटल में क्यों गए , उन्हें अपने घर पर रहना चाहिए था तो बेचारा कसाब क्यों किसी को मारता देश-विदेश के 377 मूर्खों के कारण कसाब पर इतने इल्जाम लगे! --(सन्दर्भ नीचे है)

दामिनी अपने बलात्कार की जिम्मेदार स्वयं है वो गिड़गिड़iयी क्यों नहीं ? --आसाराम बापू 
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इतना बड़ा मूर्ख पहले कभी नहीं देखा। इससे कोई पूछे दहेज़ के लिए मारी जाने वाली औरतों भी जिम्मेदार हैं अपनी मौत के लिए !

कन्या भ्रूण ह्त्या के लिए कोई जिम्मेदार नहीं , बल्कि भ्रूण ही जिम्मेदार है जो कोख में गिड़गिड़ाता नहीं की मुझे मत मारो।

कल एक आश्रम में 11 बच्चियों के साथ दुष्कर्म हुआ , बच्चियों की उम्र 3 वर्ष से लेकर 11 वर्ष है!  जिम्मेदार कौन ? क्या ये मासूम बच्चियां भी अपने साथ हुए दुष्कर्म की जिम्मेदार हैं? --आसाराम बताएं !

स्त्रियों के दुश्मन आसाराम की 'प्रवचन की दूकान' तत्काल बंद करा  देनी चाहिए। पता नहीं क्या क्या गुल खिलते हैं इसके आश्रम में !

इसका बयान देखकर तो ये खुद ही एक बलात्कारी लगता है , जिसके कुकर्म इसकी अमीरी के नीचे दबा दिए जाते हैं!

Zeal


Sunday, January 6, 2013

देशद्रोहियों की कतार --


  • ओवैसी धमकी देता है -"हिन्दुओं के खून की नदियाँ बहा देंगे"
  • सागरिका घोष कहती है--"ओवैसी एक बेहतरीन और बुद्धिमान राजनीतिज्ञ है"
  • महेश भट्ट कहता है--"मुसलमानों जेहाद करो, भारत मूर्खों और अंधों का देश है"
  • और सरकार ?--वो तो गुपचुप तरीके से डेंगू से मरे आतंकवादीयों को फाँसी लगाती है, जबरदस्ती शवदाह कराती है और ओवैसी जैसे अलगाववादियों को गुपचुप तरीके से भगा देती है , किसी को कानोकान खबर नहीं होती जैसे भोपाल त्रासदी के वारेन एंडरसन को भगा दिया था !
Zeal

Friday, January 4, 2013

जब मिल बैठे गद्दार दो

लगता है देश एक बार फिर से किसी भयानक हादसे से गुजरने वाला है। देश के हुकमरान एक बार फिर किसी को पनपने की वो हर परिस्‍थिति मुहैया करवा रहे हैं, जो आज से कुछ साल पहले कुछ समुदाय नेताओं की दी गई एवं अंत तो पूरा विश्‍व जानता है। मगर अफसोस यह गलती एक ही परिवार बार बार कर रहा है।
 
कथित तौर पर  लिट्टे को जन्‍म देना वाला। पंजाब में सिखों के अलग राज की मांग करने वाले संत। सभी को उभरने के लिए गांधी परिवार ने अपना पूरा सहयोग दिया। मगर जब इन्‍होंने गांधी परिवार से आगे जाकर अपनी खुद की पैठ बनानी शुरू की तो गांधी परिवार को बुरा लगा। अफसोस इसमें नुकसान आम आदमी को भुगताना पड़ा। अब एक बार फिर गांधी परिवार अपनी पुरानी भूल को दोहराने जा रहा है, लेकिन इत्तेहादुल मुसलमीन के विधायक अकबरउद्दीन ओवैसी के रूप में।

अकबरउद्दीन ओवैसी के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने नई दिल्ली के पार्लियामेन्ट स्ट्रीट के डीसीपी को एक पत्र लिख कर शिकायत की है कि ओवैसी ने 24 दिसम्‍बर 2012 को आंध्र प्रदेश के निर्मल शहर में बेहद भड़काऊ भाषण दिया गया था। पूरा भाषण बेहद आपत्तिजनक है, हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काऊ और हमारी सांस्कृतिक विरासत के खिलाफ है। यह हमारे संवैधानिक मूल्यों, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर एक तगड़ा हमला है। ऐसे अप्रिय भाषण समाज को विभाजित करते हैं, शांति भंग करते हैं और सांप्रदायिक दंगों की पृष्ठभूमि तैयार करते हैं।

यह ऐसा कोई पहला मामला नहीं, जब ओवैसी को लेकर किसी ने एतराज जताया हो। ओवैसी के खिलाफ समय समय पर काफी गम्‍भीर आरोप लगे हैं, लेकिन सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी की छत्रछाया में चल रही सरकार इस बाबत को गम्‍भीरता से लेने को तैयार नहीं।

गुजरात के सूरत से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र लोकतेज की वेबसाइट के सौजन्‍य से निम्‍न  प्रकाशित लेख, जो कांग्रेस के छुपे हुए चेहरे को जग जाहिर करता है ।

क्या भारत सही मायने में धर्मनिरपेक्ष है? क्या भारत संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों को मानता है? क्या भारत मे हिंदू और मुस्लिम लोगों और उनके नेताओं के बीच भेद-भाव नही किया जाता? यदि हाँ, तो फिर राहुल गाँधी का सबसे करीबी दोस्त और यूपीए का सांसद असदुद्दीन ओबैसी भारत और संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हमास और हिजबुल्लाह के खूंखार कमांडरों के साथ बार बार मिलने लेबनान के बेरुत और दहिल्या शहर मे क्यों जाता है?

इजरायल के चेतावनी की अनदेखी
सूत्रों से ज्ञात हुआ की इजराइली खुफिया एजेन्सी मोसाद ने भारत सरकार को कई बार पत्र लिखकर कहा है कि आपका सांसद जो आपकी यूपीए सरकार को समर्थन दे रहा है वो इजरायल में आतंकवाद पैâला रहा है और साथ ही भारत के गरीब मुस्लिम युवकों का ब्रेनवाश करके उन्हें हमास और हिजबुल्लाह के लिए भर्ती करता है, लेकिन चूँकि भारत की यूपीए सरकार को सिर्पâ हिंदू ही आतंकवादी नजर आते है इसलिए भारत सरकार ओबैसी को खुलेआम छुट दे दिया है। ज्ञात रहे कि हिजबुल्लाह आज विश्व का सबसे बड़ा आत्मघाती दस्ते वाला आतंकवादी संगठन है जो छोटे-छोटे बच्चों को अपने आत्मघाती दस्ते मे भर्ती करता है।

मुस्लिमों ने वैसे धर्म निरपेक्ष देशों को मुस्लिम राष्ट्र बनाया
पूर्व में लेबनान पहले धर्मनिरपेक्ष देश था और वहाँ ४ हिंदू और १० यहूदी भी रहते थे। लेबनान जहां पहले ८० ईसाई तथा अन्य धर्म और २० मुस्लिम रहते थे और लेबनान विश्व का बहुत तेजी से तरक्की करता हुआ मुल्क था, इसकी राजधानी बेरुत को विश्व का गोल्ड केपिटल कहा जाता था क्योकि बेरुत विश्व की सबसे बड़ी सोने की मण्डी थी। इतना ही नहीं खूबसूरत लेबनान में कई हॉलीवुड और बॉलीवुड के फिल्मों की शूटिंग होती थी।

लेकिन लेबनान की तरक्की और खुशहाली पर लेबनान के मुस्लिम नेताओं ने ग्रहण लगा दिया, मस्जिदों में और अपने सम्मेलनों के मुसलमानों को खूब बच्चे पैदा करके लेबनान पर कब्जा करने की बाते करते थे। फिर धीरे-धीरे लेबनान का जनसंख्या का संतुलन बिगड़ गया और फिर लेबनान २५ सालों से गृहयुद्ध की चपेट मे आ गया। आज लेबनान के दो हिस्से है उत्तरी लेबनान जिसमें ईसाई और अन्य धर्मों के लोग रहते है और दक्षिण लेबनान जहां मुस्लिम रहते है उसी तरह राजधानी बेरुत का भी दो अघोषित हिस्सा है जहां एक तरह ईसाई और दूसरी तरफ मुस्लिम रहते हैं।

सांसदों को विदेश यात्रा से पूर्व अनुमति का नियम
जब भी कोई सांसद विदेश यात्रा करता है तो उसे लोकसभा सचिव को लिखित सूचना देकर अनुमति लेनी पड़ती है भले ही वो उसकी निजी यात्रा ही क्यों न हो। एक आरटीआई के जबाब मे मीरा कुमार ने पहले बताया कि उनके पास ऐसी कोई फाइल नही आई जिसमे ओबैसी ने लेबनान और सीरिया के यात्रा की अनुमति मांगी हो। इसका मतलब यही है कि ओवैसी ने बिना अनुमति के विदेश यात्रा की। सवाल ये उठता है कि आखिर इतना घोर साम्प्रदायिकता पैâलाने वाला ओबैसी को यूपीए साम्प्रदायिक क्यों नही मानती है ?

ओबैसी के डिप्लोमेटिक पासपोर्ट में गांधी परिवार की भूमिका
सबसे बड़ा चौकने वाला खुलासा ये है कि ओबैसी को डिप्लोमेटिक पासपोर्ट राहुल गाँधी की सिफारिश पर मिला था जबकि खुद आन्ध्रप्रदेश की कांग्रेस सरकार की ही खघ्ुफिया पुलिस ने ओबैसी को डिप्लोमेटिक पासपोर्ट न देने की रिपोर्ट भेजी थी लेकिन जब राहुल गाँधी ने इस मामले मे हस्तक्षेप किया जब जाकर विदेश मंत्रालय ने ओबैसी को बिना किसी योग्यता-अर्हता के डिप्लोमेटिक पासपोर्ट जारी कर दिया।

ध्यान रहे कि साधारण पासपोर्ट का कलर नीला होता है जबकि डिप्लोमेटिक पासपोर्ट का कलर मैरून होता है। और तो और डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रखने वाले व्यक्ति की किसी भी हवाई अड्डे पर तलाशी नही होती और इन्हें वीजा आन अराइवल की भी सुविधा होती है और ये पासपोर्ट केवल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केबिनेट स्तर के मंत्री और राज्यों में मुख्यमन्त्रियों और राजदूत तथा दूतावास में सचिव स्तर के अधिकारियों को ही जारी हो सकता है ।

बांग्लादेशी मुसलमानों का पुर्नवास क्यों
अभी कुछ दिन पहले संसद में आसाम पर चर्चा के दौरान ओबैसी ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की उपस्थिति मे कहा कि यदि भारत सरकार आसाम मे मुसलमानों का चाहे वो प्रवासी क्यों न हो ठीक ढंग से पुनर्वास नही करती और उन्हें उचित मुवावजा नही देती तो फिर भारत का मुसलमान इस देश की ईंट से ईंट बजा देंगे लेकिन किसी भी सांसद ने ओबैसी के इस बयान की निंदा नही की। इससे बड़ा राष्ट्र का अपमान और क्या हो सकता है की पक्ष व विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर चुप रहे और तो और मीडिया ने भी इसको ब्रेकिंग न्यूज नही बताया सिर्पâ टाइम्स नाउ ने ही इस खबर पर चर्चा की।

यूपीए की नजर में हिन्दू
यूपीए की नजर में सिर्फ भारत के हिंदू ही साम्प्रदायिक है। अगर कोई भारत मे हिंदू हित की बात करेगा तो वो घोर साम्प्रदायिक और राजनितिक रूप से अछूत बन जायेगा। पूरी मीडिया और कई राजनितिक दल सहित कुछ तथाकथित धर्मनिरपेक्षता के नाम पर अपनी दूकान चलाने वाली छोटी पार्टियां सब उसको साम्प्रदायिक घोषित कर देंगे। लेकिन यदि कोई सिर्फ मुस्लिम हित की ही बात करेगा तो वो धर्मनिरपेक्ष माना जायेगा।

ओवैसी की नजर में मुस्लिम ही नागरिक
ओवैसी ने आज तक संसद में सिर्पâ मुस्लिम हित और मुस्लिमों के बारे मे ही मुद्दे उठाये हैं और वे सिर्पâ मुस्लिम लोगों की ही मदद करते है यहाँ तक कि आसाम में भी उन्होंने जब राहत शिविर लगाया तो उसके उपर लिख दिया ‘‘ओनली फॉर मुस्लिम’’।

इन्होंने सानिया मिर्जा को कई बार सम्मानित किया लेकिन जब एक पत्रकार ने इनसे पूछा कि आप सानिया नेहवाल को कब सम्मानित करेंगे तो ये महाशय माइक फेंक दिये।

आईबी ने दंगों के लिये ओबैसी बंधुओं को जिम्मेदार माना

आंध्र प्रदेश की कांग्रेस सरकार की ही आईबी हैदराबाद में भड़के कई दंगों के लिए ओबैसी बंधुओ को जिम्मेदार बताती है यहाँ तक की केन्द्र की खुफिया एजेंसियों ने भी कई बार गृहमंत्रालय को ओबैसी के संदिग्ध गतिबिधियों के बारे मे चेतावनी दी है। लेकिन सब बेकार।
 
By Kulwant Happy 
 
 

थुरूर की नौटंकी

थुरूर की नौटंकी --"बलात्कार पीडिता का नाम और तस्वीर सार्वजनिक किया जाए! "

इनकी गर्ल-फ्रेंड को कोई 50 करोड़ की कह दे तो भी तकलीफ होती है और दूसरों की बहन बेटियां नाम और तस्वीर के साथ बलात्कारी का टैग लगवाएं!

अत्याचार और बलात्कार की शिकार लड़की को शहादत का नाम दिया जाएगा! उसके नाम पर क़ानून बनेगा ! अरे कौन सा माँ-बाप होगा जो गर्व से कहेगा--"देखो-देखो  मेरी बेटी का बलात्कार हुआ है और उसके नाम पर क़ानून बना है"

थुरूर को क्या समझ आएगा की ऐसी दुर्घटनाओं में परिजन क्या जिल्लत झेलते हैं ! इन्हें तो अपने विदेशी शैम्पू वाले बाल लहराकर एक डायलौग मारना है बस ! वास्तविकता से परे मूर्खतापूर्ण बयानबाजियां!

Zeal