कल समाचार पत्र में पढ़ा कि - "फेसबुक तनाव देता है" !
ये बात सच भी
है लेकिन इससे भी बड़ा सच ये है की फेसबुक तनावमुक्त भी करता है ! ये तो
आप पर है की आप मुसीबत पाल रहे हैं या खुद को तनावमुक्त कर रहे हैं लेखन के
माध्यम से , जागरूकता लाकर, विसंगतियों के खिलाफ आवाज़ उठाकर , व्यवस्था
परिवर्तन के प्रयासों से या फिर फेसबुक पर फ़्लर्ट कर रहे हैं !
समाचार
पढ़कर मेरे एक शुभचिंतक ने मुझसे कहा मुझे फेसबुक से दूर रहना चाहिए ताकि
तनाव न हो ! मैंने कहा -"मुझे तो फेसबुक कोई तनाव नहीं देता , लेकिन हाँ
मेरे पाठकों को मैं ज़रूर तनाव दे देती हूँ कभी-कभी अपनी फेसबुक टिप्पणियों से !"
खैर
डरने की ज़रुरत नहीं है ! फेसबुक एक वंडर-ड्रग है ! बहुत से लाइलाज रोगों
का इलाज भी ! depression और frustration जैसी परिस्थितियों का बहुत सुदर
विकल्प है 'फेसबुक" !
तानाशाह और कांग्रेसियों को तनाव देता है फेसबुक , जिसका भंडाफोड़ होता है फेसबुक पर !
मुस्कुराईये की आप फेसबुक पर हैं !
Smiles...
Zeal


