Tuesday, March 6, 2012

पक्षपाती एग्रीगेटर 'हमारीवाणी'

सम्पादक हमारीवाणी,
कितना झूठ बोलेंगे ? शर्म आनी चाहिए आपको। मेरी कल दोपहर .४७ बजे की "सबसे ताकतवर पार्टी" नामक पोस्ट हटा दी और अब मानने से भी इनकार कर हैं। पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं आप। आप अपनी मनमानी कीजिये। अब आपसे कोई अपेक्षा नहीं है। निष्पक्ष रह पाना आपके बस की बात नहीं है। मेरे लेखों की धार से डरकर मेरी पोस्ट को हटाने की आपकी मजबूरी समझ सकती हूँ। आखिर आप एक इंसान ही हैं , कोई भगवान् नहीं डरपोक होना नब्बे फीसदी इंसानों की फितरत है।

खुश रहिये। -- Good bye !

जो पोस्ट आपने हटाई है उसका कंटेंट था--

"जो मुसलामानों का ईमान और स्वाभिमान खरीद ले , चुनाव आयोग के सिद्धांत खरीद ले , ऐसी ताकतवर पार्टी का नाम है कांग्रेस।"

Zeal

कांग्रेस की करारी हार -- सोनिया बेज़ार.

उत्तर प्रदेश वासियों ने निराश नहीं किया कम से कम 'कांग्रेस' रुपी भेड़िया का बहिष्कार तो किया राहुल का फ्रस्ट्रेशन ले डूबा कांग्रेस को बेचारा बच्चा , इतना जिद्दी और गुस्सैल है की राम ही जाने , अब पचास सीटों मिलने पर क्या करेगा खुर्शीद और सिद्धिकी की चुनावी नौटंकियाँ उलटी पड़ गयीं मीडिया खरीदने का भी कोई लाभ नहीं मिला कांग्रेस को समाजवादी पार्टी का 'लैपटॉप' बांटने का फंडा कारगर रहा साईकिल सवार ही आगे रहे भाजपा से उम्मीदें ज्यादा थीं भगवा ही चाहिए Let's hope for the best

Monday, March 5, 2012

चिर युवा - भारतमाता

१-अजानभा - अजा (ऋषभदेव) और नाभी (ऋषभदेव के पिता) , के नाम पर भारतवर्ष का नाम "अजानभा' था।

२-ऋषभदेव और जयंती के सौ पुत्रों में से सबसे बड़े पुत्र 'भारत' के नाम ही हमारे देश का नाम भारत पड़ा। उन्होंने अनेक वर्षों तक अखंड भारत पर राज किया।

३-हिंदुस्तान-हिन्दुओं का घर।

४-आर्यावर्त- विद्वानों की भूमि।

५-कुमारिका खंड- वह भारत भूमि जो चिर-युवा है।

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गत वर्ष की प्रतिज्ञा में, क्यों न फिर बघार दूं ,


ग्यारह की प्रतिज्ञा को , बारह में विस्तार दूं ,



पुष्प सारे विश्व के , मैं इन चरण पे वार दूं,


माँ तेरे इस रूप को , मैं फिर ज़रा संवार दूं,




हर ख़ुशी को आज इस धरा पे मैं उतार दूं ,


माँ तेरी पुकार पे मैं जान भी निसार दूं !




माँ भारती की आरती में , देर न हो , कल न हो !


बलिदान मेरे पूर्वजों का, अब कभी विफल न हो !



मिटटी के इस क़र्ज़ को मैं फ़र्ज़ से उतार दूं,


माँ तुझे मैं प्यार से, दुलार दूं, संवार दूं !



जय हिंद !


जय भारत !


वन्देमातरम !



Zeal

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सबसे ताकतवर पार्टी

जो मुसलामानों का ईमान और स्वाभिमान खरीद ले , चुनाव आयोग के सिद्धांत खरीद ले , ऐसी ताकतवर पार्टी का नाम है कांग्रेस

Saturday, March 3, 2012

अछूत रजस्वला स्त्री..


मादा स्तनपाईयों (बन्दर बिल्ली गाय मनुष्य) में एक निश्चित समय के बाद अंडोत्सर्जन एक चक्र के रूप में होता है उदारहरणतः मनुष्यों में यह महीने में एक बार,.. चार दिन तक होता है जिसे माहवारी या मासिक धर्म कहते है ..उन दिनों में स्त्रियों को पूजा पाठ चूल्हा रसोईघर आदि से दूर रखा जाता है ..यहाँ तक की स्नान से पहले किसी को छूना भी वर्जित है कई परिवारों में ...शास्त्रों में भी इन नियमों का वर्णन है

इसकी पुष्टि के लिए एक छोटा सा प्रयोग करिये ॥एक गमले में फूल या कोई भी पौधा है तो उस पर रजस्वला स्त्री से दो चार दिन तक पानी से सिंचाई कराइये ..वह पौधा सूख जाएगा ,

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उपरोक्त कथन एक पुरुष ब्लॉगर के ब्लौग पर पढने को मिला। जाने क्यों लोग इस तरह की भ्रान्ति फैलाते हैं ऐसा किसी शास्त्र में नहीं लिखा है। लेकिन हाँ कुछ स्थानों पर बहुत से लोग अज्ञानतावश इस प्रकार से रजस्वला स्त्री का, अछूत की तरह पांच दिन तक बहिष्कार करते हैं। रजस्वला स्त्री के छूने से पेड़-पौधा सूख जाएगा आदि वाहियात भ्रांतियों और अज्ञानता को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।

रजस्वला हो अथवा अन्य सामान्य दिन हों। पुरुष हो अथवा स्त्री , हाईजीन (स्वछता) का ध्यान तो सभी को रखना चाहिए अन्यथा भाँती-भाँती की बीमारियाँ स्वागत हेतु तैयार ही रहती हैं।

शरीर में प्राकृतिक रूप से होने वाली अनेक प्रक्रियाओं की तरह मासिक स्राव का होना भी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। स्वच्छता के नियमों के तहत इसमें भी 'हाईजीन' का ध्यान रखना चाहिए। लेकिन स्त्री को अछूत की तरह जमीन पर शयन और एक अलग कमरे में कारावास की तरह रखना अत्यंत अज्ञानता भरी सोच है।

पुरुष समाज सदियों से स्त्री को भाँती-भाँती से दबाकर रखता आया है। इस प्रकार की भ्रांतियों को फैलाकर वह स्त्रियों पर अपना अंकुश बनाकर रखता रहा है। शिक्षित और जागरूक नारियों को मूर्ख बनाना अब संभव नहीं है। रजस्वला स्त्री के छूने से ही पेड़ सूखता है , ही उनका पति।

इन पुरुषों से कोई पूछे , जब इनकी पत्नी रजस्वला होती है तो इनकी रसोई में जाकर खाना कौन बनाता है ? क्या होटल ताज से 'शेफ' बुलवाए जाते हैं।

धन्य हैं समाज के ठेकेदार २१वि शताब्दी में इतने दकियानूसी विचार।


Friday, March 2, 2012

मुलाक़ात कीजिये इस विष-कन्या से।

माता-पिता और हिन्दू धर्म को कलंकित करने वाली 'तीस्ता सीतलवाड', जो लव-जेहाद का शिकार होने के बाद देशभक्त हिन्दुओं के अस्तित्व पर एक भयानक ख़तरा बन गयी है। मुलाक़ात कीजिये इस विष-कन्या से।


कौन हैं तीस्ता सीतलवाड ?

गुजराती मूल की

बाप का नाम- अतुल सीतलवाड

मां का नाम – सीता सीतलवाड

पति का नाम- जावेद

लव जेहाद का शिकार और अब मुस्लिम कट्टरपंथियों का हथियार

बकवास शिरोमणि तीस्ता सीतलवाड ने गुजरात दंगों को लेकर क्या क्या काल्पनिक दुष्प्रचार किए और इसके बाद क्या सच सामने आया... पढिए...

सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के तहत गठित “स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम” (SIT) ने सुप्रीम कोर्ट में तथ्य पेश करते हुए अपनी रिपोर्ट पेश की जिसके मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं –

1) कौसर बानो नामक गर्भवती महिला का कोई गैंगरेप नहीं हुआ, न ही उसका बच्चा पेट फ़ाड़कर निकाले जाने की कोई घटना हुई।

2) नरोडा पाटिया के कुँए में कई लाशों को दफ़न करने की घटना भी झूठी साबित हुई।

3) ज़रीना मंसूरी नामक महिला जिसे नरोडा पाटिया में जिंदा जलाने की बात कही गई थी, वह कुछ महीने पहले ही TB से मर चुकी थी।

4) ज़ाहिरा शेख ने भी अपने बयान में कहा कि तीस्ता ने उससे कोरे कागज़ पर अंगूठा लगवा लिया था।

5) तीस्ता के मुख्य गवाह रईस खान ने भी कहा कि तीस्ता ने उसे गवाही के लिये धमकाकर रखा था।

6) सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि सारे एफ़िडेविट एक ही कम्प्यूटर से निकाले गये हैं और उनमें सिर्फ़ नाम बदल दिया गया है।

7) विशेष जाँच दल ने पाया कि तीस्ता सीतलवाड ने गवाहों को धमकाया, गलत शपथ-पत्र दाखिल किये, कोर्ट में झूठ बोला।

अप्रैल 2009 में इस पर खबर भी छापी

नवंबर 2004 जाहिरा शेख ने आरोप लगाया कि तीस्ता सीतलवाड उन्हें बयान बदलने के लिए दबाव डाल रही हैं

इन मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता को फटकार लगाई लेकिन कांग्रेसी सरकार ने इसे सर चढ़ा रखा है क्योंकि ये यह उनके लिए तुरुप का पत्ता जो है।

सावधान रहिये ऐसी विष कन्याओं से।

Thursday, March 1, 2012

सोनिया जी की बीमारी क्या है ?

सोनिया गांधी पूरे देश पर राज कर रही हैं। इनके बच्चे जिन्होंने राष्ट्र हित में अभी तक कोई भी योगदान नहीं दिया है वे भी भोली भाली जनता के साथ खिलवाड़ करते हैं। बुद्धिजीवियों से तो इन्हें कुछ लेना देना ही नहीं होता। क्योंकि सोनिया जी को लगता है की भारत देश सिर्फ 'मूर्खों' का देश है यहाँ के चिकित्सकों से इलाज कराना तो दूर वे भारत वासियों को ये तक नहीं बताना चाहतीं की उन्हें तकलीफ क्या है नजला है ?, कैंसर है?, अनैतिक गर्भपात कराना है अथवा मात्र 'खुजली' हुयी है? सोनिया जी की बीमारी क्या है ? हम भारतीयों को ये जानने का पूरा अधिकार है की इनकी विदेश यात्रा अचानक और गुपचुप क्यों होती है। ही अपनी संपत्ति का ब्यौरा देती हैं , ही बीमारी का। कहीं बीमारी के बहाने काले धन को ठिकाने लगाने तो नहीं जातीं ?