भारत भूमि में जहाँ स्त्री को इतना सम्मान दिया
जाता था, वहीँ आज स्त्री को मात्र उपभोग की वस्तु समझा जा रहा है। उसे आम
की तरह चूसकर, फिर उसे दर्दनाक तरीके से मार-मारकर चलती गाडी से फेंक दिया
जाता है! बलात्कारी खुले सांड की तरह घुमते हैं , सत्ता चैन की वंशी
बजाती है और स्त्री कलप-कलप कर मरती है!
दिल्ली में गैंग रेप की
शिकार एक युवती जिस तरह की असहनीय मानसिक और शारीरिक पीड़ा से गुज़र रही है,
उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। उसके माता पिता जितने दारुण दुःख झेल रहे
हैं उसका अनुमान भी नहीं कर सकते हैं ये वीर बलात्कारी!
दिल्ली
की मुख्यमंत्री को यदि लड़कियों की सुरक्षा की ज़रा भी चिंता होती तो दिल्ली
पुलिस को चप्पे-चप्पे पर चाक-चौबंद कर देती और ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति
नहीं होती ! लेकिन नहीं एक मुख्यमंत्री जो स्वयं स्त्री हैं , वे इतनी
असंवेदनशील क्यों हैं ? उनके राज में अश्लीलता, बर्बरता , CRIME और
बलात्कार की घटनाएं बहुत तेज़ी से बढ़ी हैं !
यदि पुलिस और प्रशासन
स्त्रियों की सुरक्षा नहीं कर सकती और अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा सकती तो
उसे इस्तीफ़ा दे देना चाहिए ताकि कोई और काबिल इंसान महिलाओं की सुरक्षा कर सके और उनको भी जीने का
अधिकार दे सके !
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घटना का ताज़ा अपडेट--
By Kumar Rakesh--देल्ही रेप मार्क लड़की के बचने की उम्मीदें बेहद कम दिखाई दे रही हैं.
डॉक्टर के मुताबिक लड़की के शरीर में बुरी तरह दर्द है, सांस लेने में काफी तकलीफ है. नब्ज 130 पर है, जो सामान्य 72 से काफी ज्यादा है. संक्रमण बढ़ने से खूनमें प्लेटलेट्स स्तर गिरकर 48 हजार रह गया है. जो सामान्य हालत में डेढ़ लाख से साढ़े 4 लाख होता है. पल्स रेट बढ़ना और प्लेटलेट्स घटना चिंता का कारण है.
वारदात के करीब 36 घंटे बाद मंगलवार सुबह पीड़ित लड़की को होश आया था, लेकिन वो बोल नहीं पाई. वह बोल नहीं पा रही है. उसने अपनी मां के नाम कई संदेश लिखे हैं. उसनेएक मैसेज लिखा है, 'मां, मैं जीना चाहती हूं!' रोते हुएउसने कागज पर अपना दर्द
बयान किया- 'लिफ्ट माई लेग, क्लीन माई थ्रोट' यानी मेरा पैर उठाओ और मेरा गला साफ करो. इसके बाद वो छत कीतरफ ताकती रही
और आंखों से आंसू निकलते रहे.
बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी ने बताया कि उसकी हालत बेहद खराब है. डॉक्टरों ने मुझे कहा है कि मर्द होने के नाते वो मुझे ये बताने की हालत में नहीं हैं कि पीड़ित लड़कीको क्या-क्या दिक्कतें हैं.
सूत्रों के मुताबिक उसकी आंतों में गहरी चोट है. उसके पेट पर किसी भारी चीज से वार किया गया. शरीर के अंदरूनी हिस्सों में कई जगह गंभीर चोटें हैं. गले औरबाहों में चोट के काफी निशान हैं. सिर को बार-बार फर्श या दीवारों पर पटका गया, जिससे 23 टांके लगाने पड़े
रीढ़ की हड्डी में भी चोट आई है. लड़की अब तक 5 बार कोमा में जा चुकी है. डॉक्टर लगातार लड़की का डायलिसिस कर रहे हैं. अब तक उसकी 5 बार लाइफ सेविंग सर्जरी की जा चुकी है।
डॉक्टर के मुताबिक लड़की के शरीर में बुरी तरह दर्द है, सांस लेने में काफी तकलीफ है. नब्ज 130 पर है, जो सामान्य 72 से काफी ज्यादा है. संक्रमण बढ़ने से खूनमें प्लेटलेट्स स्तर गिरकर 48 हजार रह गया है. जो सामान्य हालत में डेढ़ लाख से साढ़े 4 लाख होता है. पल्स रेट बढ़ना और प्लेटलेट्स घटना चिंता का कारण है.
वारदात के करीब 36 घंटे बाद मंगलवार सुबह पीड़ित लड़की को होश आया था, लेकिन वो बोल नहीं पाई. वह बोल नहीं पा रही है. उसने अपनी मां के नाम कई संदेश लिखे हैं. उसनेएक मैसेज लिखा है, 'मां, मैं जीना चाहती हूं!' रोते हुएउसने कागज पर अपना दर्द
बयान किया- 'लिफ्ट माई लेग, क्लीन माई थ्रोट' यानी मेरा पैर उठाओ और मेरा गला साफ करो. इसके बाद वो छत कीतरफ ताकती रही
और आंखों से आंसू निकलते रहे.
बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी ने बताया कि उसकी हालत बेहद खराब है. डॉक्टरों ने मुझे कहा है कि मर्द होने के नाते वो मुझे ये बताने की हालत में नहीं हैं कि पीड़ित लड़कीको क्या-क्या दिक्कतें हैं.
सूत्रों के मुताबिक उसकी आंतों में गहरी चोट है. उसके पेट पर किसी भारी चीज से वार किया गया. शरीर के अंदरूनी हिस्सों में कई जगह गंभीर चोटें हैं. गले औरबाहों में चोट के काफी निशान हैं. सिर को बार-बार फर्श या दीवारों पर पटका गया, जिससे 23 टांके लगाने पड़े
रीढ़ की हड्डी में भी चोट आई है. लड़की अब तक 5 बार कोमा में जा चुकी है. डॉक्टर लगातार लड़की का डायलिसिस कर रहे हैं. अब तक उसकी 5 बार लाइफ सेविंग सर्जरी की जा चुकी है।
Amar Verma ताजा अपडेट
#DelhiGangrape
चलती बस में गैंगरेप का शिकार हुई
लड़की की हालत और बिगड़ गई है। सफदरजंग
अस्पताल के सात डॉक्टरों ने गैंग रेप की शिकार
लड़की की हालत पर ऑफ दी रिकार्ड ब्रीफिंग में
ये बात कही। डॉक्टरों ने
बताया कि लड़की की हालत में ज्यादा सुधार
नहीं आया है। डॉक्टरों ने कहा कि लड़की ने कल
इशारे में थोड़ी बातचीत की थी, लेकिन लेकिन
आज वो इशारे में भी बात नहीं कर पा रही है।
सर्जरी से पहले कल लड़की ने अपने मां और
पिता से बात की थी। डॉक्टरों ने कहा कि पाइप
के जरिये लड़की को लिक्विड भोजन
दिया जा रहा है और उसे अभी भी वेंटिलेटर पर
रखा गया है।
डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल लड़की के शरीर में
कोई इंफेक्शन नही है, लेकिन इंफेक्शन
का खतरा बना हुआ है। हम पूरी तरह ख्याल रख
रहे हैं। अभी तक आंतों में गंभीर जख्म है।
लड़की 40 मिनट तक बस में और उसके बाद एक
घंटे तक सड़क पर रहने के बावजूद वो कैसे बच गई
ये हैरत की बात है।लड़की को खून देने वाले
लोगों का अस्पताल में तांता लगा हुआ है। कल
सर्जरी के पहले वो जिस तरह बात कर
रही थी आज सर्जरी के बाद आज वो बातचीत
नहीं कर पा रही है। उसकी हालत जस के तस
बनी हुई है।
#DelhiGangrape
चलती बस में गैंगरेप का शिकार हुई
लड़की की हालत और बिगड़ गई है। सफदरजंग
अस्पताल के सात डॉक्टरों ने गैंग रेप की शिकार
लड़की की हालत पर ऑफ दी रिकार्ड ब्रीफिंग में
ये बात कही। डॉक्टरों ने
बताया कि लड़की की हालत में ज्यादा सुधार
नहीं आया है। डॉक्टरों ने कहा कि लड़की ने कल
इशारे में थोड़ी बातचीत की थी, लेकिन लेकिन
आज वो इशारे में भी बात नहीं कर पा रही है।
सर्जरी से पहले कल लड़की ने अपने मां और
पिता से बात की थी। डॉक्टरों ने कहा कि पाइप
के जरिये लड़की को लिक्विड भोजन
दिया जा रहा है और उसे अभी भी वेंटिलेटर पर
रखा गया है।
डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल लड़की के शरीर में
कोई इंफेक्शन नही है, लेकिन इंफेक्शन
का खतरा बना हुआ है। हम पूरी तरह ख्याल रख
रहे हैं। अभी तक आंतों में गंभीर जख्म है।
लड़की 40 मिनट तक बस में और उसके बाद एक
घंटे तक सड़क पर रहने के बावजूद वो कैसे बच गई
ये हैरत की बात है।लड़की को खून देने वाले
लोगों का अस्पताल में तांता लगा हुआ है। कल
सर्जरी के पहले वो जिस तरह बात कर
रही थी आज सर्जरी के बाद आज वो बातचीत
नहीं कर पा रही है। उसकी हालत जस के तस
बनी हुई है।
- Smart Rajat Gupta Journalist · Friends with Sanjay AgarwalDELHI :- रेप पीड़ित छात्रा ने लिखा, मुझे जीना है मा
दिल्ली में रविवार को गैंगरेप का शिकार बनी छात्रा की हालत नाजुक बनी हुई है. सोमवार को अस्पताल में भर्ती हुई छात्रा की मौत से जंग जारी है, लेकिन इस बीच गजब की हिम्मत दिखाते हुए इस लड़की ने अपनी मां को एक संदेश लिखा.
पीड़ित छात्रा वेंटीलेटर पर है. डॉक्टरों की कहना है कि अभी उसके बारे में कुछ कहा नही जा सकता, जख्म गहरे हैं और हालात नाजुक है. पीड़ित छात्रा अभी भी कुछ बोल नहीं पा रही है लेकिन उसने अपनी मां को संदेश लिखा और इस संदेश से हमारे समाज का एक कड़वा सच सामने आ गया है.
संदेश में उसने लिखा, 'उस रात मेरा क्रेडिट कार्ड भी चला गया. वो दरिंदे मेरा मोबाइल भी उठा कर ले गए, लेकिन घर पर जो मेरा पुराना मोबाइल पड़ा है उसमें मेरे दो दोस्तों का नंबर है. उन्हें फोन करके बोल दीजिएगा कि मैं तीन महीने के लिए बाहर गई हूं.'
ये एक लड़की होने का दर्द है. इस दर्द को समझना भी आसान नहीं है. लेकिन ये लड़की ना सिर्फ ये दर्द बर्दाश्त कर रही है बल्कि पूरे जज्बे के साथ इससे लड़ भी रही है. लेकिन शायद ये लड़की होने की मजबूरी है या फिर हमारे समाज और उसकी सोच से जो माहौल बना है उसकी मजबूरी. ये लड़की अपने दोस्तों के बीच वापस तो जाना चाहती है, लेकिन नहीं चाहती कि उन्हें कुछ भी पता चले.
पीड़ित छात्रा को ये नहीं पता कि दो दिन से पूरा देश बस उसकी ही चर्चा कर रहा है. उसे ये भी नहीं पता उसके साथ आज पूरा समाज खड़ा है, उसे हौसला देने के लिए हर शख्स आगे आने को तैयार है. लेकिन इस सब के बीच एक बड़ा सच ये भी है कि जिस लड़की के साथ ऐसी बड़ी वारदात हो जाती है. वो भी सबसे पहले इसे छिपाना चाहती है.
REPORT:-Smart Rajat Gupta Journalist DELHI
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