कोई लाख कहे हम इक्कीसवीं सदी में आ गए हैं और चाँद पर भी पहुँच गए हैं ,
लेकिन सच तो ये है की हम शताब्दियों पीछे जा रहे हैं। स्त्री का समाज में स्थान ,
ग्रंथों में वर्णित उसके स्थान से पूर्णतया विपरीत है।ज्यादातर लेखकों का कहना है की ब्लॉग लेखन स्वान्तः सुखाय होता है ,
लेकिन मैंने अपनी ख़ुशी के लिए कभी नहीं लिखा। एक उद्देश्य को लेकर शुरू किया था। कहाँ तक सफल हो सकी हूँ नहीं जानती ,
लेकिन अब तो विदाई की बेला भी आ गयी। जाना ही होगा। बेटियां तो निर्मोही होती ही हैं। माता-
पिता को छोड़कर ससुराल चली जाती हैं ,
तो फिर कहीं अन्य किसी जगह से मोह भला कैसे हो सकता है।अनुराग शर्मा उर्फ़ 'स्मार्ट-
इंडियन'
नामक ब्लॉगर ने मुझे अपमानित करने के लिए जो आलेख लिखा है और उसमें मेरे अधिकाँश आलेखों का जिस प्रकार मखौल बनाया है,
उससे तिरस्कृत होकर यहाँ से सदा के लिए चले जाने का निर्णय लिया है।पाबला जी ने लिखा -- "
छील कर रख दिया"......
अनुराग शर्मा जी ने सचमुच छील कर रख दिया और कुछ अपनों ने उस छिले हुए रिसते घावों पर नमक डालने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लेखक और उस आलेख पर आये सभी टिप्पणीकारों का आभार जिन्होंने मुझे हिंदी
ब्लोगिंग के मोह को ख़तम कर पाने में मदद की।जाते-
जाते कुछ लोगों का उल्लेख जिन्हें अपने दिल में रखकर साथ ले जा रही हूँ...
- शोभना चौरे जी (मेरी माँ)
- प्रतिभा सक्सेना जी (मेरी माँ)
- डॉ कृष्णा जी (मेरी माँ)
- राजेश कुमारी जी (माँ)
- डॉ अरुणा कपूर (माँ )
- रश्मि प्रभा जी
- साधना वैद्य जी
- आशा जोगलेकर जी
- JC जी (मेरे पिता)
- विश्वनाथ जी (मेरे पिता)
- मंसूर अली जी (पिता)
- भूषण जी (मेरे पिता)
- डॉ कौशलेन्द्र (मेरे पिता)
- डॉ भोला (मेरे पिता)
- डॉ एम् एल वर्मा 'क्रांत'(पिता)
- श्री अशोक सलूजा (पिता)
- डॉ रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (पिता)
- चंद्रमौलेश्वर प्रसाद जी (पिता)
कुछ सखियाँ सहेलियां और बहनें-
- सीमा जी
- मुनव्वर सुल्ताना जी
- रेखा जी
- रजनी जी
- प्रेरणा जी
- मनीषा दीदी
- निवेदिता दीदी
- संगीता स्वरुप जी
- वंदना जी
मृदुला जी
- सपना निगम जी
- क्षमा जी
- माहेश्वरी कनेरी
- जेन्नी शबनम जी
- निशाजी
- ज्योति मिश्र जी
मेरे भाई --
- डॉ रुपेश श्रीवास्तव
- प्रतुल भैया
- दिवस दिनेश गौड़
- विश्वजीत
मेरे शुभचिंतक एवं परम प्रिय मित्र--
- महेंद्र वर्मा जी
- कुश्वंश जी
- Bikram जी
- भारतीय नागरिक जी
- aarkay जी
- आशीष जी
- मदन शर्मा जी
- डॉ राजेन्द्र तेला
- अलबेला खत्री जी
- राकेश कुमार जी
- सुरेन्द्र सिंह झंझट जी
- जयकृष्ण तुषार जी
- अमित श्रीवास्तव जी
- अरुण कुमार निगम जी
- दिलबाग विर्क जी
- मनोज कुमार जी
- मनोज भारती
- अतुल श्रीवास्तव जी
- अरुण साथी जी
- अरुण चन्द्र राय जी
- कुंवर कुसुमेश
बहुत से अन्य महिला एवं पुरुष ब्लॉगर जिनके सानिध्य में हिंदी-
ब्लॉगिंग का मेरा सफ़र अत्यंत सुखकर रहा उन सभी का आभार। मेरी यात्रा यहीं तक थी अब आज्ञा दीजिये। आप सभी को नमस्कार ।Zeal